पंचांग 9 दिसंबर 2024
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
9 दिसंबर 2024 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:55
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदय13:11
चंद्रास्त01:33 (10 दिस॰)
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कुंभ 09:14 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी 08:03 तक, फिर शुक्ल नवमी 06:02 (10 दिस॰) तक, फिर शुक्ल दशमी 03:43 (11 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 14:56 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 13:30 (10 दिस॰) तक
- योग
- सिद्धि 01:05 (10 दिस॰) तक, फिर व्यतीपात 22:02 (10 दिस॰) तक
- करण
- बव 08:03 तक, फिर बालव 19:05 तक, फिर कौलव 06:02 (10 दिस॰) तक, फिर तैतिल 16:55 (10 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:04 – 12:49
- राहु काल08:18 – 09:41
- यमगंड11:04 – 12:26
- गुलिक काल13:49 – 15:12
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:55 – 08:18
- काल(वर्जित (परंपरा))08:18 – 09:41
- शुभ(शुभ)09:41 – 11:04
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:04 – 12:26
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:26 – 13:49
- चर(सामान्य)13:49 – 15:12
- लाभ(शुभ)15:12 – 16:35
- अमृत(शुभ)16:35 – 17:58
रात
- चर(सामान्य)17:58 – 19:35
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:35 – 21:12
- काल(वर्जित (परंपरा))21:12 – 22:50
- लाभ(शुभ)22:50 – 00:27 (10 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:27 (10 दिस॰) – 02:04 (10 दिस॰)
- शुभ(शुभ)02:04 (10 दिस॰) – 03:41 (10 दिस॰)
- अमृत(शुभ)03:41 (10 दिस॰) – 05:18 (10 दिस॰)
- चर(सामान्य)05:18 (10 दिस॰) – 06:56 (10 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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