पंचांग 28 अगस्त 2024
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
28 अगस्त 2024 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:19
सूर्यास्त18:51
चंद्रोदय01:51 (29 अग॰)
चंद्रास्त14:49
- मास:
- श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 01:20 (29 अग॰) तक, फिर कृष्ण एकादशी 01:37 (30 अग॰) तक
- नक्षत्र
- मृगशीर्ष 15:53 तक, फिर आर्द्रा 16:39 (29 अग॰) तक
- योग
- वज्र 19:11 तक, फिर सिद्धि 18:17 (29 अग॰) तक
- करण
- वणिज 13:22 तक, फिर विष्टि 01:20 (29 अग॰) तक, फिर बव 13:25 (29 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:00परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:35 – 14:09
- यमगंड07:53 – 09:27
- गुलिक काल11:01 – 12:35
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:19 – 07:53
- अमृत(शुभ)07:53 – 09:27
- काल(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:01
- शुभ(शुभ)11:01 – 12:35
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:35 – 14:09
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:43
- चर(सामान्य)15:43 – 17:17
- लाभ(शुभ)17:17 – 18:51
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:51 – 20:17
- शुभ(शुभ)20:17 – 21:43
- अमृत(शुभ)21:43 – 23:09
- चर(सामान्य)23:09 – 00:35 (29 अग॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:35 (29 अग॰) – 02:01 (29 अग॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:01 (29 अग॰) – 03:27 (29 अग॰)
- लाभ(शुभ)03:27 (29 अग॰) – 04:53 (29 अग॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:53 (29 अग॰) – 06:19 (29 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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