पंचांग 1 मई 2024

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

1 मई 2024 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:07
सूर्यास्त18:56
चंद्रोदय01:44 (2 मई)
चंद्रास्त12:13
मास:
चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
संवत्सर:
क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 04:01 (2 मई) तक, फिर कृष्ण नवमी 01:53 (3 मई) तक
नक्षत्र
श्रवण 03:10 (2 मई) तक, फिर धनिष्ठा 01:48 (3 मई) तक
योग
शुभ 20:01 तक, फिर शुक्ल 17:18 (2 मई) तक
करण
बालव 16:57 तक, फिर कौलव 04:01 (2 मई) तक, फिर तैतिल 15:00 (2 मई) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:57परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:31 – 14:07
  • यमगंड07:43 – 09:19
  • गुलिक काल10:55 – 12:31

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:07 – 07:43
  • अमृत(शुभ)07:43 – 09:19
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:19 – 10:55
  • शुभ(शुभ)10:55 – 12:31
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:07
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:07 – 15:44
  • चर(सामान्य)15:44 – 17:20
  • लाभ(शुभ)17:20 – 18:56

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:56 – 20:20
  • शुभ(शुभ)20:20 – 21:43
  • अमृत(शुभ)21:43 – 23:07
  • चर(सामान्य)23:07 – 00:31 (2 मई)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:31 (2 मई) – 01:55 (2 मई)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:55 (2 मई) – 03:19 (2 मई)
  • लाभ(शुभ)03:19 (2 मई) – 04:42 (2 मई)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:42 (2 मई) – 06:06 (2 मई)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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