पंचांग 11 दिसंबर 2023
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 दिसंबर 2023 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:56
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदय06:09 (12 दिस॰)
चंद्रास्त16:29
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
- संवत्सर:
- शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी 07:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 06:24 (12 दिस॰) तक, फिर कृष्ण अमावस्या 05:02 (13 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- विशाखा 12:13 तक, फिर अनुराधा 11:56 (12 दिस॰) तक
- योग
- सुकर्मा 20:58 तक, फिर धृति 18:51 (12 दिस॰) तक
- करण
- वणिज 07:10 तक, फिर विष्टि 18:52 तक, फिर शकुनि 06:24 (12 दिस॰) तक, फिर चतुष्पद 17:47 (12 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:49
- राहु काल08:19 – 09:41
- यमगंड11:04 – 12:27
- गुलिक काल13:50 – 15:13
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:56 – 08:19
- काल(वर्जित (परंपरा))08:19 – 09:41
- शुभ(शुभ)09:41 – 11:04
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:04 – 12:27
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:27 – 13:50
- चर(सामान्य)13:50 – 15:13
- लाभ(शुभ)15:13 – 16:36
- अमृत(शुभ)16:36 – 17:58
रात
- चर(सामान्य)17:58 – 19:36
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:36 – 21:13
- काल(वर्जित (परंपरा))21:13 – 22:50
- लाभ(शुभ)22:50 – 00:27 (12 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:27 (12 दिस॰) – 02:05 (12 दिस॰)
- शुभ(शुभ)02:05 (12 दिस॰) – 03:42 (12 दिस॰)
- अमृत(शुभ)03:42 (12 दिस॰) – 05:19 (12 दिस॰)
- चर(सामान्य)05:19 (12 दिस॰) – 06:56 (12 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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