पंचांग 19 अक्टूबर 2023

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

19 अक्टूबर 2023 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:29
सूर्यास्त18:09
चंद्रोदय10:32
चंद्रास्त21:36
मास:
आश्विन (अमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
तुला
चंद्र राशि:
वृश्चिक 21:03 तक, फिर धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 00:32 (20 अक्टू॰) तक, फिर शुक्ल षष्ठी 23:25 (20 अक्टू॰) तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 21:03 तक, फिर मूल 20:41 (20 अक्टू॰) तक
योग
सौभाग्य 06:53 तक, फिर शोभन 05:08 (20 अक्टू॰) तक, फिर अतिगण्ड 03:01 (21 अक्टू॰) तक
करण
बव 12:55 तक, फिर बालव 00:32 (20 अक्टू॰) तक, फिर कौलव 12:01 (20 अक्टू॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:56 – 12:42
  • राहु काल13:47 – 15:14
  • यमगंड06:29 – 07:56
  • गुलिक काल09:24 – 10:51

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:29 – 07:56
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:56 – 09:24
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:51
  • चर(सामान्य)10:51 – 12:19
  • लाभ(शुभ)12:19 – 13:47
  • अमृत(शुभ)13:47 – 15:14
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:14 – 16:42
  • शुभ(शुभ)16:42 – 18:09

रात

  • अमृत(शुभ)18:09 – 19:42
  • चर(सामान्य)19:42 – 21:14
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:14 – 22:47
  • काल(वर्जित (परंपरा))22:47 – 00:19 (20 अक्टू॰)
  • लाभ(शुभ)00:19 (20 अक्टू॰) – 01:52 (20 अक्टू॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:52 (20 अक्टू॰) – 03:24 (20 अक्टू॰)
  • शुभ(शुभ)03:24 (20 अक्टू॰) – 04:57 (20 अक्टू॰)
  • अमृत(शुभ)04:57 (20 अक्टू॰) – 06:29 (20 अक्टू॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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