पंचांग 28 फ़रवरी 2023

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

28 फ़रवरी 2023 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:54
सूर्यास्त18:39
चंद्रोदय12:41
चंद्रास्त02:27 (1 मार्च)
मास:
फाल्गुन (अमांत)
संवत:
शक 1944 · विक्रम (चैत्रादि) 2079
संवत्सर:
शुभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
कुंभ
चंद्र राशि:
वृषभ 20:32 तक, फिर मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 04:19 (1 मार्च) तक, फिर शुक्ल दशमी 06:40 (2 मार्च) तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:19 तक, फिर मृगशीर्ष 09:51 (1 मार्च) तक
योग
विष्कम्भ 16:25 तक, फिर प्रीति 17:01 (1 मार्च) तक
करण
बालव 15:17 तक, फिर कौलव 04:19 (1 मार्च) तक, फिर तैतिल 17:27 (1 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:23 – 13:10
  • राहु काल15:43 – 17:11
  • यमगंड09:50 – 11:19
  • गुलिक काल12:47 – 14:15

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:54 – 08:22
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:22 – 09:50
  • चर(सामान्य)09:50 – 11:19
  • लाभ(शुभ)11:19 – 12:47
  • अमृत(शुभ)12:47 – 14:15
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:15 – 15:43
  • शुभ(शुभ)15:43 – 17:11
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:11 – 18:39

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:39 – 20:11
  • लाभ(शुभ)20:11 – 21:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:15
  • शुभ(शुभ)23:15 – 00:46 (1 मार्च)
  • अमृत(शुभ)00:46 (1 मार्च) – 02:18 (1 मार्च)
  • चर(सामान्य)02:18 (1 मार्च) – 03:50 (1 मार्च)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:50 (1 मार्च) – 05:22 (1 मार्च)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:22 (1 मार्च) – 06:53 (1 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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