पंचांग 12 जुलाई 2022
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
12 जुलाई 2022 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:05
सूर्यास्त19:15
चंद्रोदय18:02
चंद्रास्त05:12 (13 जुल॰)
- मास:
- आषाढ़ (अमांत)
- संवत:
- शक 1944 · विक्रम (चैत्रादि) 2079
- संवत्सर:
- शुभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मिथुन
- चंद्र राशि:
- धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी 07:46 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 04:01 (13 जुल॰) तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 00:07 (14 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- मूल 02:21 (13 जुल॰) तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 23:18 (13 जुल॰) तक
- योग
- ब्रह्म 16:58 तक, फिर इन्द्र 12:44 (13 जुल॰) तक
- करण
- तैतिल 07:46 तक, फिर गर 17:55 तक, फिर वणिज 04:01 (13 जुल॰) तक, फिर विष्टि 14:04 (13 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:06
- राहु काल15:57 – 17:36
- यमगंड09:22 – 11:01
- गुलिक काल12:40 – 14:18
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:05 – 07:44
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:44 – 09:22
- चर(सामान्य)09:22 – 11:01
- लाभ(शुभ)11:01 – 12:40
- अमृत(शुभ)12:40 – 14:18
- काल(वर्जित (परंपरा))14:18 – 15:57
- शुभ(शुभ)15:57 – 17:36
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:36 – 19:15
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))19:15 – 20:36
- लाभ(शुभ)20:36 – 21:57
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:57 – 23:19
- शुभ(शुभ)23:19 – 00:40 (13 जुल॰)
- अमृत(शुभ)00:40 (13 जुल॰) – 02:01 (13 जुल॰)
- चर(सामान्य)02:01 (13 जुल॰) – 03:22 (13 जुल॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:22 (13 जुल॰) – 04:44 (13 जुल॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:44 (13 जुल॰) – 06:05 (13 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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