पंचांग 26 दिसंबर 2021
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
26 दिसंबर 2021 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:04
सूर्यास्त18:05
चंद्रोदय00:20 (27 दिस॰)
चंद्रास्त12:10
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1943 · विक्रम (चैत्रादि) 2078
- संवत्सर:
- प्लव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- सिंह 11:14 तक, फिर कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी 20:08 तक, फिर कृष्ण अष्टमी 19:28 (27 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराफाल्गुनी 05:25 (27 दिस॰) तक, फिर हस्त 05:07 (28 दिस॰) तक
- योग
- आयुष्मान 10:23 तक, फिर सौभाग्य 08:52 (27 दिस॰) तक
- करण
- विष्टि 08:13 तक, फिर बव 20:08 तक, फिर बालव 07:53 (27 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:13 – 12:57
- राहु काल16:43 – 18:05
- यमगंड12:35 – 13:57
- गुलिक काल15:20 – 16:43
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:04 – 08:27
- चर(सामान्य)08:27 – 09:49
- लाभ(शुभ)09:49 – 11:12
- अमृत(शुभ)11:12 – 12:35
- काल(वर्जित (परंपरा))12:35 – 13:57
- शुभ(शुभ)13:57 – 15:20
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:20 – 16:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:43 – 18:05
रात
- शुभ(शुभ)18:05 – 19:43
- अमृत(शुभ)19:43 – 21:20
- चर(सामान्य)21:20 – 22:57
- रोग(वर्जित (परंपरा))22:57 – 00:35 (27 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:35 (27 दिस॰) – 02:12 (27 दिस॰)
- लाभ(शुभ)02:12 (27 दिस॰) – 03:50 (27 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:50 (27 दिस॰) – 05:27 (27 दिस॰)
- शुभ(शुभ)05:27 (27 दिस॰) – 07:04 (27 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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