पंचांग 11 जनवरी 2021

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

11 जनवरी 2021 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:15
चंद्रोदय06:13 (12 जन॰)
चंद्रास्त16:27
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1943 · विक्रम (चैत्रादि) 2078
संवत्सर:
प्लव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
वृश्चिक 09:09 तक, फिर धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 14:33 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 12:22 (12 जन॰) तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 09:09 तक, फिर मूल 07:37 (12 जन॰) तक
योग
वृद्धि 08:39 तक, फिर ध्रुव 05:37 (12 जन॰) तक, फिर व्याघात 02:47 (13 जन॰) तक
करण
वणिज 14:33 तक, फिर विष्टि 01:26 (12 जन॰) तक, फिर शकुनि 12:22 (12 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:20 – 13:04
  • राहु काल08:32 – 09:55
  • यमगंड11:19 – 12:42
  • गुलिक काल14:05 – 15:29

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)07:09 – 08:32
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:32 – 09:55
  • शुभ(शुभ)09:55 – 11:19
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:19 – 12:42
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:42 – 14:05
  • चर(सामान्य)14:05 – 15:29
  • लाभ(शुभ)15:29 – 16:52
  • अमृत(शुभ)16:52 – 18:15

रात

  • चर(सामान्य)18:15 – 19:52
  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:52 – 21:29
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:29 – 23:05
  • लाभ(शुभ)23:05 – 00:42 (12 जन॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:42 (12 जन॰) – 02:19 (12 जन॰)
  • शुभ(शुभ)02:19 (12 जन॰) – 03:56 (12 जन॰)
  • अमृत(शुभ)03:56 (12 जन॰) – 05:32 (12 जन॰)
  • चर(सामान्य)05:32 (12 जन॰) – 07:09 (12 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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