पंचांग 17 मार्च 2020

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

17 मार्च 2020 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:41
सूर्यास्त18:44
चंद्रोदय02:31 (18 मार्च)
चंद्रास्त12:54
मास:
फाल्गुन (अमांत) · चैत्र (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1941 · विक्रम (चैत्रादि) 2076
संवत्सर:
विकारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण नवमी 03:24 (18 मार्च) तक, फिर कृष्ण दशमी 04:26 (19 मार्च) तक
नक्षत्र
मूल 11:46 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 13:00 (18 मार्च) तक
योग
व्यतीपात 12:22 तक, फिर वरीयान 11:46 (18 मार्च) तक
करण
तैतिल 15:07 तक, फिर गर 03:24 (18 मार्च) तक, फिर वणिज 15:51 (18 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:18 – 13:07
  • राहु काल15:43 – 17:14
  • यमगंड09:42 – 11:12
  • गुलिक काल12:42 – 14:13

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:41 – 08:11
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:11 – 09:42
  • चर(सामान्य)09:42 – 11:12
  • लाभ(शुभ)11:12 – 12:42
  • अमृत(शुभ)12:42 – 14:13
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:13 – 15:43
  • शुभ(शुभ)15:43 – 17:14
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:14 – 18:44

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:44 – 20:14
  • लाभ(शुभ)20:14 – 21:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:13
  • शुभ(शुभ)23:13 – 00:42 (18 मार्च)
  • अमृत(शुभ)00:42 (18 मार्च) – 02:11 (18 मार्च)
  • चर(सामान्य)02:11 (18 मार्च) – 03:41 (18 मार्च)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:41 (18 मार्च) – 05:10 (18 मार्च)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:10 (18 मार्च) – 06:40 (18 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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