पंचांग 13 अगस्त 2018
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
13 अगस्त 2018 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:15
सूर्यास्त19:03
चंद्रोदय08:02
चंद्रास्त20:50
- मास:
- श्रावण (अमांत)
- संवत:
- शक 1940 · विक्रम (चैत्रादि) 2075
- संवत्सर:
- विलंबी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- सिंह 00:39 (14 अग॰) तक, फिर कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया 08:36 तक, फिर शुक्ल तृतीया 05:45 (14 अग॰) तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 03:27 (15 अग॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाफाल्गुनी 19:09 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 17:21 (14 अग॰) तक
- योग
- शिव 00:20 (14 अग॰) तक, फिर सिद्ध 21:16 (14 अग॰) तक
- करण
- कौलव 08:36 तक, फिर तैतिल 19:07 तक, फिर गर 05:45 (14 अग॰) तक, फिर वणिज 16:31 (14 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:04
- राहु काल07:51 – 09:27
- यमगंड11:03 – 12:39
- गुलिक काल14:15 – 15:51
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:15 – 07:51
- काल(वर्जित (परंपरा))07:51 – 09:27
- शुभ(शुभ)09:27 – 11:03
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:39
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:15
- चर(सामान्य)14:15 – 15:51
- लाभ(शुभ)15:51 – 17:27
- अमृत(शुभ)17:27 – 19:03
रात
- चर(सामान्य)19:03 – 20:27
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:27 – 21:51
- काल(वर्जित (परंपरा))21:51 – 23:15
- लाभ(शुभ)23:15 – 00:39 (14 अग॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:39 (14 अग॰) – 02:03 (14 अग॰)
- शुभ(शुभ)02:03 (14 अग॰) – 03:27 (14 अग॰)
- अमृत(शुभ)03:27 (14 अग॰) – 04:51 (14 अग॰)
- चर(सामान्य)04:51 (14 अग॰) – 06:15 (14 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें