पंचांग 10 फ़रवरी 2018
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 फ़रवरी 2018 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:04
सूर्यास्त18:32
चंद्रोदय03:29 (11 फ़र॰)
चंद्रास्त14:09
- मास:
- माघ (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1939 · विक्रम (चैत्रादि) 2074
- संवत्सर:
- हेमलंबी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 19:52 तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 14:44 तक, फिर कृष्ण एकादशी 17:24 (11 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 19:52 तक, फिर मूल 22:59 (11 फ़र॰) तक
- योग
- व्याघात 11:44 तक, फिर हर्षण 12:41 (11 फ़र॰) तक
- करण
- विष्टि 14:44 तक, फिर बव 04:03 (11 फ़र॰) तक, फिर बालव 17:24 (11 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
- राहु काल09:56 – 11:22
- यमगंड14:14 – 15:40
- गुलिक काल07:04 – 08:30
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))07:04 – 08:30
- शुभ(शुभ)08:30 – 09:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:56 – 11:22
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:22 – 12:48
- चर(सामान्य)12:48 – 14:14
- लाभ(शुभ)14:14 – 15:40
- अमृत(शुभ)15:40 – 17:06
- काल(वर्जित (परंपरा))17:06 – 18:32
रात
- लाभ(शुभ)18:32 – 20:06
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:06 – 21:40
- शुभ(शुभ)21:40 – 23:14
- अमृत(शुभ)23:14 – 00:48 (11 फ़र॰)
- चर(सामान्य)00:48 (11 फ़र॰) – 02:22 (11 फ़र॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:22 (11 फ़र॰) – 03:56 (11 फ़र॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:56 (11 फ़र॰) – 05:30 (11 फ़र॰)
- लाभ(शुभ)05:30 (11 फ़र॰) – 07:04 (11 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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