पंचांग 17 नवंबर 2017
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
17 नवंबर 2017 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:42
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय06:22 (18 नव॰)
चंद्रास्त17:24
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1939 · विक्रम (चैत्रादि) 2074
- संवत्सर:
- हेमलंबी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 15:30 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 17:12 (18 नव॰) तक
- नक्षत्र
- स्वाती 17:10 तक, फिर विशाखा 19:24 (18 नव॰) तक
- योग
- सौभाग्य 21:01 तक, फिर शोभन 21:16 (18 नव॰) तक
- करण
- शकुनि 15:30 तक, फिर चतुष्पद 04:18 (18 नव॰) तक, फिर नाग 17:12 (18 नव॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:56 – 12:41
- राहु काल10:55 – 12:19
- यमगंड15:08 – 16:32
- गुलिक काल08:06 – 09:30
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:42 – 08:06
- लाभ(शुभ)08:06 – 09:30
- अमृत(शुभ)09:30 – 10:55
- काल(वर्जित (परंपरा))10:55 – 12:19
- शुभ(शुभ)12:19 – 13:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:43 – 15:08
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:08 – 16:32
- चर(सामान्य)16:32 – 17:56
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:32
- काल(वर्जित (परंपरा))19:32 – 21:08
- लाभ(शुभ)21:08 – 22:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:43 – 00:19 (18 नव॰)
- शुभ(शुभ)00:19 (18 नव॰) – 01:55 (18 नव॰)
- अमृत(शुभ)01:55 (18 नव॰) – 03:31 (18 नव॰)
- चर(सामान्य)03:31 (18 नव॰) – 05:07 (18 नव॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:07 (18 नव॰) – 06:42 (18 नव॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें