पंचांग 11 जनवरी 2017
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 जनवरी 2017 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:15
चंद्रोदय17:17
चंद्रास्त06:41 (12 जन॰)
- मास:
- पौष (अमांत)
- संवत:
- शक 1938 · विक्रम (चैत्रादि) 2073
- संवत्सर:
- दुर्मुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी 19:52 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 17:03 (12 जन॰) तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 03:17 (12 जन॰) तक, फिर पुनर्वसु 01:19 (13 जन॰) तक
- योग
- इन्द्र 01:35 (12 जन॰) तक, फिर वैधृति 22:08 (12 जन॰) तक
- करण
- गर 09:22 तक, फिर वणिज 19:52 तक, फिर विष्टि 06:25 (12 जन॰) तक, फिर बव 17:03 (12 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:20 – 13:04परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:42 – 14:05
- यमगंड08:32 – 09:55
- गुलिक काल11:19 – 12:42
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)07:09 – 08:32
- अमृत(शुभ)08:32 – 09:55
- काल(वर्जित (परंपरा))09:55 – 11:19
- शुभ(शुभ)11:19 – 12:42
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:42 – 14:05
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:05 – 15:29
- चर(सामान्य)15:29 – 16:52
- लाभ(शुभ)16:52 – 18:15
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:15 – 19:52
- शुभ(शुभ)19:52 – 21:29
- अमृत(शुभ)21:29 – 23:05
- चर(सामान्य)23:05 – 00:42 (12 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:42 (12 जन॰) – 02:19 (12 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:19 (12 जन॰) – 03:56 (12 जन॰)
- लाभ(शुभ)03:56 (12 जन॰) – 05:32 (12 जन॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:32 (12 जन॰) – 07:09 (12 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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