पंचांग 28 अगस्त 2016

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

28 अगस्त 2016 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:19
सूर्यास्त18:51
चंद्रोदय03:22 (29 अग॰)
चंद्रास्त15:45
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1938 · विक्रम (चैत्रादि) 2073
संवत्सर:
दुर्मुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मिथुन 03:04 (29 अग॰) तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 15:22 तक, फिर कृष्ण द्वादशी 14:29 (29 अग॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 09:18 तक, फिर पुनर्वसु 09:03 (29 अग॰) तक
योग
सिद्धि 12:51 तक, फिर व्यतीपात 11:03 (29 अग॰) तक
करण
बालव 15:22 तक, फिर कौलव 02:53 (29 अग॰) तक, फिर तैतिल 14:29 (29 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:00
  • राहु काल17:17 – 18:51
  • यमगंड12:35 – 14:09
  • गुलिक काल15:43 – 17:17

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:19 – 07:53
  • चर(सामान्य)07:53 – 09:27
  • लाभ(शुभ)09:27 – 11:01
  • अमृत(शुभ)11:01 – 12:35
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:35 – 14:09
  • शुभ(शुभ)14:09 – 15:43
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:17
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:17 – 18:51

रात

  • शुभ(शुभ)18:51 – 20:17
  • अमृत(शुभ)20:17 – 21:43
  • चर(सामान्य)21:43 – 23:09
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:09 – 00:35 (29 अग॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:35 (29 अग॰) – 02:01 (29 अग॰)
  • लाभ(शुभ)02:01 (29 अग॰) – 03:27 (29 अग॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:27 (29 अग॰) – 04:53 (29 अग॰)
  • शुभ(शुभ)04:53 (29 अग॰) – 06:19 (29 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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