पंचांग 22 अप्रैल 2016

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

22 अप्रैल 2016 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:12
सूर्यास्त18:53
चंद्रोदय19:06
चंद्रास्त06:17
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1938 · विक्रम (चैत्रादि) 2073
संवत्सर:
दुर्मुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
तुला

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल पूर्णिमा 10:53 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 13:20 (23 अप्रैल) तक
नक्षत्र
चित्रा 07:18 तक, फिर स्वाती 10:17 (23 अप्रैल) तक
योग
वज्र 16:45 तक, फिर सिद्धि 17:39 (23 अप्रैल) तक
करण
बव 10:53 तक, फिर बालव 00:08 (23 अप्रैल) तक, फिर कौलव 13:20 (23 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:58
  • राहु काल10:58 – 12:33
  • यमगंड15:43 – 17:18
  • गुलिक काल07:47 – 09:22

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:12 – 07:47
  • लाभ(शुभ)07:47 – 09:22
  • अमृत(शुभ)09:22 – 10:58
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:33
  • शुभ(शुभ)12:33 – 14:08
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:08 – 15:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:18
  • चर(सामान्य)17:18 – 18:53

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:53 – 20:18
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:18 – 21:43
  • लाभ(शुभ)21:43 – 23:07
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:07 – 00:32 (23 अप्रैल)
  • शुभ(शुभ)00:32 (23 अप्रैल) – 01:57 (23 अप्रैल)
  • अमृत(शुभ)01:57 (23 अप्रैल) – 03:22 (23 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)03:22 (23 अप्रैल) – 04:47 (23 अप्रैल)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:47 (23 अप्रैल) – 06:12 (23 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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