पंचांग 8 अप्रैल 2014

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

8 अप्रैल 2014 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:49
चंद्रोदय13:07
चंद्रास्त02:10 (9 अप्रैल)
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1936 · विक्रम (चैत्रादि) 2071
संवत्सर:
जय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 05:37 (9 अप्रैल) तक, फिर शुक्ल दशमी 07:57 (10 अप्रैल) तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 10:03 तक, फिर पुष्य 13:00 (9 अप्रैल) तक
योग
सुकर्मा 20:52 तक, फिर धृति 21:43 (9 अप्रैल) तक
करण
बालव 16:24 तक, फिर कौलव 05:37 (9 अप्रैल) तक, फिर तैतिल 18:49 (9 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:01
  • राहु काल15:43 – 17:16
  • यमगंड09:30 – 11:03
  • गुलिक काल12:36 – 14:09

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:23 – 07:56
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:56 – 09:30
  • चर(सामान्य)09:30 – 11:03
  • लाभ(शुभ)11:03 – 12:36
  • अमृत(शुभ)12:36 – 14:09
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:43
  • शुभ(शुभ)15:43 – 17:16
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:16 – 18:49

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:49 – 20:16
  • लाभ(शुभ)20:16 – 21:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:09
  • शुभ(शुभ)23:09 – 00:36 (9 अप्रैल)
  • अमृत(शुभ)00:36 (9 अप्रैल) – 02:02 (9 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)02:02 (9 अप्रैल) – 03:29 (9 अप्रैल)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:29 (9 अप्रैल) – 04:56 (9 अप्रैल)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:56 (9 अप्रैल) – 06:22 (9 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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