पंचांग 7 सितंबर 2010

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 सितंबर 2010 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:44
चंद्रोदय05:58 (8 सित॰)
चंद्रास्त17:46
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1932 · विक्रम (चैत्रादि) 2067
संवत्सर:
विकृति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 19:53 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 15:59 (8 सित॰) तक
नक्षत्र
मघा 02:55 (8 सित॰) तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी 23:50 (8 सित॰) तक
योग
शिव 15:23 तक, फिर सिद्ध 11:05 (8 सित॰) तक
करण
विष्टि 09:47 तक, फिर शकुनि 19:53 तक, फिर चतुष्पद 05:57 (8 सित॰) तक, फिर नाग 15:59 (8 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:57
  • राहु काल15:38 – 17:11
  • यमगंड09:26 – 10:59
  • गुलिक काल12:32 – 14:05

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:20 – 07:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:26
  • चर(सामान्य)09:26 – 10:59
  • लाभ(शुभ)10:59 – 12:32
  • अमृत(शुभ)12:32 – 14:05
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:05 – 15:38
  • शुभ(शुभ)15:38 – 17:11
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:11 – 18:44

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:44 – 20:11
  • लाभ(शुभ)20:11 – 21:38
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:38 – 23:05
  • शुभ(शुभ)23:05 – 00:32 (8 सित॰)
  • अमृत(शुभ)00:32 (8 सित॰) – 01:59 (8 सित॰)
  • चर(सामान्य)01:59 (8 सित॰) – 03:26 (8 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:26 (8 सित॰) – 04:53 (8 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:53 (8 सित॰) – 06:21 (8 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें