पंचांग 29 मार्च 2009
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
29 मार्च 2009 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:31
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय08:03
चंद्रास्त21:29
- मास:
- चैत्र (अमांत)
- संवत:
- शक 1931 · विक्रम (चैत्रादि) 2066
- संवत्सर:
- विरोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया 17:22 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 15:24 (30 मार्च) तक
- नक्षत्र
- भरणी 03:10 (30 मार्च) तक, फिर कृत्तिका 01:52 (31 मार्च) तक
- योग
- वैधृति 07:57 तक, फिर विष्कम्भ 05:17 (30 मार्च) तक, फिर प्रीति 02:29 (31 मार्च) तक
- करण
- गर 17:22 तक, फिर वणिज 04:25 (30 मार्च) तक, फिर विष्टि 15:24 (30 मार्च) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:04
- राहु काल17:15 – 18:47
- यमगंड12:39 – 14:11
- गुलिक काल15:43 – 17:15
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:31 – 08:03
- चर(सामान्य)08:03 – 09:35
- लाभ(शुभ)09:35 – 11:07
- अमृत(शुभ)11:07 – 12:39
- काल(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:11
- शुभ(शुभ)14:11 – 15:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:15
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:15 – 18:47
रात
- शुभ(शुभ)18:47 – 20:15
- अमृत(शुभ)20:15 – 21:43
- चर(सामान्य)21:43 – 23:11
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:11 – 00:39 (30 मार्च)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:39 (30 मार्च) – 02:06 (30 मार्च)
- लाभ(शुभ)02:06 (30 मार्च) – 03:34 (30 मार्च)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:34 (30 मार्च) – 05:02 (30 मार्च)
- शुभ(शुभ)05:02 (30 मार्च) – 06:30 (30 मार्च)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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