पंचांग 8 जनवरी 1997
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 जनवरी 1997 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:13
चंद्रोदय06:56 (9 जन॰)
चंद्रास्त17:32
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1919 · विक्रम (चैत्रादि) 2054
- संवत्सर:
- ईश्वर (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 13:16 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 09:55 (9 जन॰) तक
- नक्षत्र
- मूल 15:00 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 12:22 (9 जन॰) तक
- योग
- ध्रुव 18:31 तक, फिर व्याघात 14:29 (9 जन॰) तक
- करण
- शकुनि 13:16 तक, फिर चतुष्पद 23:38 तक, फिर नाग 09:55 (9 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:19 – 13:03परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:41 – 14:04
- यमगंड08:31 – 09:55
- गुलिक काल11:18 – 12:41
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)07:08 – 08:31
- अमृत(शुभ)08:31 – 09:55
- काल(वर्जित (परंपरा))09:55 – 11:18
- शुभ(शुभ)11:18 – 12:41
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:41 – 14:04
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:04 – 15:27
- चर(सामान्य)15:27 – 16:50
- लाभ(शुभ)16:50 – 18:13
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:13 – 19:50
- शुभ(शुभ)19:50 – 21:27
- अमृत(शुभ)21:27 – 23:04
- चर(सामान्य)23:04 – 00:41 (9 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:41 (9 जन॰) – 02:18 (9 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:18 (9 जन॰) – 03:55 (9 जन॰)
- लाभ(शुभ)03:55 (9 जन॰) – 05:32 (9 जन॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:32 (9 जन॰) – 07:09 (9 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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