पंचांग 11 अक्टूबर 1996
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 अक्टूबर 1996 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:27
सूर्यास्त18:14
चंद्रोदय06:03 (12 अक्टू॰)
चंद्रास्त17:30
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1918 · विक्रम (चैत्रादि) 2053
- संवत्सर:
- धाता (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 19:02 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 19:44 (12 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराफाल्गुनी 13:51 तक, फिर हस्त 15:15 (12 अक्टू॰) तक
- योग
- ब्रह्म 11:48 तक, फिर इन्द्र 11:24 (12 अक्टू॰) तक
- करण
- विष्टि 06:29 तक, फिर शकुनि 19:02 तक, फिर चतुष्पद 07:27 (12 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:57 – 12:44
- राहु काल10:52 – 12:21
- यमगंड15:18 – 16:46
- गुलिक काल07:55 – 09:24
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:27 – 07:55
- लाभ(शुभ)07:55 – 09:24
- अमृत(शुभ)09:24 – 10:52
- काल(वर्जित (परंपरा))10:52 – 12:21
- शुभ(शुभ)12:21 – 13:49
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:49 – 15:18
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:18 – 16:46
- चर(सामान्य)16:46 – 18:14
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:14 – 19:46
- काल(वर्जित (परंपरा))19:46 – 21:18
- लाभ(शुभ)21:18 – 22:49
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:49 – 00:21 (12 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)00:21 (12 अक्टू॰) – 01:52 (12 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)01:52 (12 अक्टू॰) – 03:24 (12 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)03:24 (12 अक्टू॰) – 04:55 (12 अक्टू॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:55 (12 अक्टू॰) – 06:27 (12 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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