पंचांग 14 अप्रैल 1995
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
14 अप्रैल 1995 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:19
सूर्यास्त18:51
चंद्रोदय17:50
चंद्रास्त05:55 (15 अप्रैल)
- मास:
- चैत्र (अमांत)
- संवत:
- शक 1917 · विक्रम (चैत्रादि) 2052
- संवत्सर:
- युवा (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी 20:22 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 17:38 (15 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- हस्त 04:33 (15 अप्रैल) तक, फिर चित्रा 02:28 (16 अप्रैल) तक
- योग
- ध्रुव 06:32 तक, फिर व्याघात 03:25 (15 अप्रैल) तक, फिर हर्षण 23:58 (15 अप्रैल) तक
- करण
- गर 09:34 तक, फिर वणिज 20:22 तक, फिर विष्टि 07:02 (15 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:00
- राहु काल11:01 – 12:35
- यमगंड15:43 – 17:17
- गुलिक काल07:53 – 09:27
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:19 – 07:53
- लाभ(शुभ)07:53 – 09:27
- अमृत(शुभ)09:27 – 11:01
- काल(वर्जित (परंपरा))11:01 – 12:35
- शुभ(शुभ)12:35 – 14:09
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:17
- चर(सामान्य)17:17 – 18:51
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:51 – 20:17
- काल(वर्जित (परंपरा))20:17 – 21:42
- लाभ(शुभ)21:42 – 23:08
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:08 – 00:34 (15 अप्रैल)
- शुभ(शुभ)00:34 (15 अप्रैल) – 02:00 (15 अप्रैल)
- अमृत(शुभ)02:00 (15 अप्रैल) – 03:26 (15 अप्रैल)
- चर(सामान्य)03:26 (15 अप्रैल) – 04:52 (15 अप्रैल)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:52 (15 अप्रैल) – 06:18 (15 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
अपनी कुंडली देखें