पंचांग 31 दिसंबर 1994

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

31 दिसंबर 1994 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:06
सूर्यास्त18:08
चंद्रोदय06:40 (1 जन॰)
चंद्रास्त17:10
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1916 · विक्रम (चैत्रादि) 2051
संवत्सर:
भाव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
वृश्चिक 13:30 तक, फिर धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 19:43 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 16:25 (1 जन॰) तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 13:30 तक, फिर मूल 10:54 (1 जन॰) तक
योग
गण्ड 10:04 तक, फिर वृद्धि 06:05 (1 जन॰) तक, फिर ध्रुव 02:13 (2 जन॰) तक
करण
विष्टि 09:25 तक, फिर शकुनि 19:43 तक, फिर चतुष्पद 06:03 (1 जन॰) तक, फिर नाग 16:25 (1 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:15 – 12:59
  • राहु काल09:51 – 11:14
  • यमगंड14:00 – 15:22
  • गुलिक काल07:06 – 08:29

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:06 – 08:29
  • शुभ(शुभ)08:29 – 09:51
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:51 – 11:14
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:14 – 12:37
  • चर(सामान्य)12:37 – 14:00
  • लाभ(शुभ)14:00 – 15:22
  • अमृत(शुभ)15:22 – 16:45
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:45 – 18:08

रात

  • लाभ(शुभ)18:08 – 19:45
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:45 – 21:23
  • शुभ(शुभ)21:23 – 23:00
  • अमृत(शुभ)23:00 – 00:37 (1 जन॰)
  • चर(सामान्य)00:37 (1 जन॰) – 02:14 (1 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:14 (1 जन॰) – 03:52 (1 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:52 (1 जन॰) – 05:29 (1 जन॰)
  • लाभ(शुभ)05:29 (1 जन॰) – 07:06 (1 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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