पंचांग 9 दिसंबर 1994
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
9 दिसंबर 1994 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:55
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदय12:07
चंद्रास्त00:22 (10 दिस॰)
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1916 · विक्रम (चैत्रादि) 2051
- संवत्सर:
- भाव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी 14:18 तक, फिर शुक्ल अष्टमी 15:06 (10 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- शतभिषा 19:27 तक, फिर पूर्वभाद्रपदा 20:57 (10 दिस॰) तक
- योग
- हर्षण 07:38 तक, फिर वज्र 06:54 (10 दिस॰) तक, फिर सिद्धि 06:45 (11 दिस॰) तक
- करण
- वणिज 14:18 तक, फिर विष्टि 02:36 (10 दिस॰) तक, फिर बव 15:06 (10 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:04 – 12:48
- राहु काल11:03 – 12:26
- यमगंड15:12 – 16:35
- गुलिक काल08:18 – 09:40
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:55 – 08:18
- लाभ(शुभ)08:18 – 09:40
- अमृत(शुभ)09:40 – 11:03
- काल(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:26
- शुभ(शुभ)12:26 – 13:49
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:49 – 15:12
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:12 – 16:35
- चर(सामान्य)16:35 – 17:58
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:58 – 19:35
- काल(वर्जित (परंपरा))19:35 – 21:12
- लाभ(शुभ)21:12 – 22:49
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:49 – 00:27 (10 दिस॰)
- शुभ(शुभ)00:27 (10 दिस॰) – 02:04 (10 दिस॰)
- अमृत(शुभ)02:04 (10 दिस॰) – 03:41 (10 दिस॰)
- चर(सामान्य)03:41 (10 दिस॰) – 05:18 (10 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:18 (10 दिस॰) – 06:55 (10 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
अपनी कुंडली देखें