पंचांग 3 जनवरी 1994

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

3 जनवरी 1994 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:07
सूर्यास्त18:10
चंद्रोदय23:27
चंद्रास्त10:56
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1916 · विक्रम (चैत्रादि) 2051
संवत्सर:
भाव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
सिंह 18:25 तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 20:31 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 18:31 (4 जन॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 12:44 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 11:26 (4 जन॰) तक
योग
सौभाग्य 01:04 (4 जन॰) तक, फिर शोभन 22:12 (4 जन॰) तक
करण
गर 09:30 तक, फिर वणिज 20:31 तक, फिर विष्टि 07:32 (4 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:16 – 13:01
  • राहु काल08:30 – 09:53
  • यमगंड11:16 – 12:38
  • गुलिक काल14:01 – 15:24

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)07:07 – 08:30
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:30 – 09:53
  • शुभ(शुभ)09:53 – 11:16
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:16 – 12:38
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:38 – 14:01
  • चर(सामान्य)14:01 – 15:24
  • लाभ(शुभ)15:24 – 16:47
  • अमृत(शुभ)16:47 – 18:10

रात

  • चर(सामान्य)18:10 – 19:47
  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:47 – 21:24
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:24 – 23:01
  • लाभ(शुभ)23:01 – 00:39 (4 जन॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:39 (4 जन॰) – 02:16 (4 जन॰)
  • शुभ(शुभ)02:16 (4 जन॰) – 03:53 (4 जन॰)
  • अमृत(शुभ)03:53 (4 जन॰) – 05:30 (4 जन॰)
  • चर(सामान्य)05:30 (4 जन॰) – 07:07 (4 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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