पंचांग 10 सितंबर 1993

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

10 सितंबर 1993 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:41
चंद्रोदय01:14 (11 सित॰)
चंद्रास्त13:48
मास:
अधिक भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1915 · विक्रम (चैत्रादि) 2050
संवत्सर:
श्रीमुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 00:12 (11 सित॰) तक, फिर कृष्ण दशमी 23:19 (11 सित॰) तक
नक्षत्र
मृगशीर्ष 13:55 तक, फिर आर्द्रा 14:05 (11 सित॰) तक
योग
सिद्धि 18:42 तक, फिर व्यतीपात 17:05 (11 सित॰) तक
करण
तैतिल 12:20 तक, फिर गर 00:12 (11 सित॰) तक, फिर वणिज 11:52 (11 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:56
  • राहु काल10:58 – 12:31
  • यमगंड15:36 – 17:08
  • गुलिक काल07:53 – 09:26

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:21 – 07:53
  • लाभ(शुभ)07:53 – 09:26
  • अमृत(शुभ)09:26 – 10:58
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:31
  • शुभ(शुभ)12:31 – 14:03
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:03 – 15:36
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:36 – 17:08
  • चर(सामान्य)17:08 – 18:41

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:41 – 20:08
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:08 – 21:36
  • लाभ(शुभ)21:36 – 23:04
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:04 – 00:31 (11 सित॰)
  • शुभ(शुभ)00:31 (11 सित॰) – 01:59 (11 सित॰)
  • अमृत(शुभ)01:59 (11 सित॰) – 03:26 (11 सित॰)
  • चर(सामान्य)03:26 (11 सित॰) – 04:54 (11 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:54 (11 सित॰) – 06:21 (11 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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