पंचांग 27 अगस्त 1993

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

27 अगस्त 1993 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:18
सूर्यास्त18:53
चंद्रोदय15:26
चंद्रास्त02:53 (28 अग॰)
मास:
अधिक भाद्रपद (अमांत)
संवत:
शक 1915 · विक्रम (चैत्रादि) 2050
संवत्सर:
श्रीमुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 02:34 (28 अग॰) तक, फिर शुक्ल द्वादशी 03:24 (29 अग॰) तक
नक्षत्र
मूल 08:41 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 09:52 (28 अग॰) तक
योग
प्रीति 14:20 तक, फिर आयुष्मान 13:48 (28 अग॰) तक
करण
वणिज 14:18 तक, फिर विष्टि 02:34 (28 अग॰) तक, फिर बव 14:56 (28 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:01
  • राहु काल11:01 – 12:35
  • यमगंड15:44 – 17:18
  • गुलिक काल07:53 – 09:27

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:18 – 07:53
  • लाभ(शुभ)07:53 – 09:27
  • अमृत(शुभ)09:27 – 11:01
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:01 – 12:35
  • शुभ(शुभ)12:35 – 14:10
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:10 – 15:44
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:44 – 17:18
  • चर(सामान्य)17:18 – 18:53

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:53 – 20:18
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:18 – 21:44
  • लाभ(शुभ)21:44 – 23:10
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:10 – 00:36 (28 अग॰)
  • शुभ(शुभ)00:36 (28 अग॰) – 02:01 (28 अग॰)
  • अमृत(शुभ)02:01 (28 अग॰) – 03:27 (28 अग॰)
  • चर(सामान्य)03:27 (28 अग॰) – 04:53 (28 अग॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:53 (28 अग॰) – 06:19 (28 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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