पंचांग 8 अप्रैल 1993
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 अप्रैल 1993 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:49
चंद्रोदय20:38
चंद्रास्त07:17
- मास:
- चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1915 · विक्रम (चैत्रादि) 2050
- संवत्सर:
- श्रीमुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 17:37 तक, फिर कृष्ण तृतीया 15:05 (9 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- स्वाती 19:26 तक, फिर विशाखा 17:43 (9 अप्रैल) तक
- योग
- हर्षण 06:42 तक, फिर वज्र 03:14 (9 अप्रैल) तक, फिर सिद्धि 00:16 (10 अप्रैल) तक
- करण
- तैतिल 07:06 तक, फिर गर 17:37 तक, फिर वणिज 04:16 (9 अप्रैल) तक, फिर विष्टि 15:05 (9 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:01
- राहु काल14:09 – 15:43
- यमगंड06:23 – 07:56
- गुलिक काल09:29 – 11:03
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:23 – 07:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:56 – 09:29
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:29 – 11:03
- चर(सामान्य)11:03 – 12:36
- लाभ(शुभ)12:36 – 14:09
- अमृत(शुभ)14:09 – 15:43
- काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:16
- शुभ(शुभ)17:16 – 18:49
रात
- अमृत(शुभ)18:49 – 20:16
- चर(सामान्य)20:16 – 21:42
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:42 – 23:09
- काल(वर्जित (परंपरा))23:09 – 00:36 (9 अप्रैल)
- लाभ(शुभ)00:36 (9 अप्रैल) – 02:02 (9 अप्रैल)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:02 (9 अप्रैल) – 03:29 (9 अप्रैल)
- शुभ(शुभ)03:29 (9 अप्रैल) – 04:55 (9 अप्रैल)
- अमृत(शुभ)04:55 (9 अप्रैल) – 06:22 (9 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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