पंचांग 13 नवंबर 1992
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
13 नवंबर 1992 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:40
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय20:38
चंद्रास्त09:15
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1914 · विक्रम (चैत्रादि) 2049
- संवत्सर:
- अंगिरा (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- तुला
- चंद्र राशि:
- वृषभ 06:49 तक, फिर मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया 12:50 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 11:31 (14 नव॰) तक
- नक्षत्र
- मृगशीर्ष 18:34 तक, फिर आर्द्रा 17:50 (14 नव॰) तक
- योग
- सिद्ध 03:50 (14 नव॰) तक, फिर साध्य 01:27 (15 नव॰) तक
- करण
- विष्टि 12:50 तक, फिर बव 00:12 (14 नव॰) तक, फिर बालव 11:31 (14 नव॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:56 – 12:41
- राहु काल10:54 – 12:18
- यमगंड15:08 – 16:32
- गुलिक काल08:04 – 09:29
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:40 – 08:04
- लाभ(शुभ)08:04 – 09:29
- अमृत(शुभ)09:29 – 10:54
- काल(वर्जित (परंपरा))10:54 – 12:18
- शुभ(शुभ)12:18 – 13:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:43 – 15:08
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:08 – 16:32
- चर(सामान्य)16:32 – 17:57
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:57 – 19:32
- काल(वर्जित (परंपरा))19:32 – 21:08
- लाभ(शुभ)21:08 – 22:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:43 – 00:19 (14 नव॰)
- शुभ(शुभ)00:19 (14 नव॰) – 01:54 (14 नव॰)
- अमृत(शुभ)01:54 (14 नव॰) – 03:29 (14 नव॰)
- चर(सामान्य)03:29 (14 नव॰) – 05:05 (14 नव॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:05 (14 नव॰) – 06:40 (14 नव॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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