पंचांग 11 अगस्त 1992
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 अगस्त 1992 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:15
सूर्यास्त19:04
चंद्रोदय17:37
चंद्रास्त05:10 (12 अग॰)
- मास:
- श्रावण (अमांत)
- संवत:
- शक 1914 · विक्रम (चैत्रादि) 2049
- संवत्सर:
- अंगिरा (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- धनु 09:00 तक, फिर मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी 11:06 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 13:30 (12 अग॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा 05:12 (12 अग॰) तक, फिर श्रवण 08:12 (13 अग॰) तक
- योग
- प्रीति 12:12 तक, फिर आयुष्मान 13:08 (12 अग॰) तक
- करण
- तैतिल 11:06 तक, फिर गर 00:17 (12 अग॰) तक, फिर वणिज 13:30 (12 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:05
- राहु काल15:51 – 17:27
- यमगंड09:27 – 11:03
- गुलिक काल12:39 – 14:15
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:15 – 07:51
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:51 – 09:27
- चर(सामान्य)09:27 – 11:03
- लाभ(शुभ)11:03 – 12:39
- अमृत(शुभ)12:39 – 14:15
- काल(वर्जित (परंपरा))14:15 – 15:51
- शुभ(शुभ)15:51 – 17:27
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:27 – 19:04
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))19:04 – 20:27
- लाभ(शुभ)20:27 – 21:51
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:51 – 23:15
- शुभ(शुभ)23:15 – 00:39 (12 अग॰)
- अमृत(शुभ)00:39 (12 अग॰) – 02:03 (12 अग॰)
- चर(सामान्य)02:03 (12 अग॰) – 03:27 (12 अग॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:27 (12 अग॰) – 04:51 (12 अग॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:51 (12 अग॰) – 06:15 (12 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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