पंचांग 23 सितंबर 1991
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
23 सितंबर 1991 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:30
चंद्रोदय17:58
चंद्रास्तनहीं
- मास:
- भाद्रपद (अमांत)
- संवत:
- शक 1913 · विक्रम (चैत्रादि) 2048
- संवत्सर:
- प्रजापति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- कुंभ 15:51 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा 04:10 (24 सित॰) तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 03:46 (25 सित॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाभाद्रपदा 22:02 तक, फिर उत्तराभाद्रपदा 22:26 (24 सित॰) तक
- योग
- गण्ड 04:12 (24 सित॰) तक, फिर वृद्धि 02:48 (25 सित॰) तक
- करण
- विष्टि 16:10 तक, फिर बव 04:10 (24 सित॰) तक, फिर बालव 16:01 (24 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:51
- राहु काल07:54 – 09:25
- यमगंड10:56 – 12:27
- गुलिक काल13:57 – 15:28
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:23 – 07:54
- काल(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:25
- शुभ(शुभ)09:25 – 10:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:56 – 12:27
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:27 – 13:57
- चर(सामान्य)13:57 – 15:28
- लाभ(शुभ)15:28 – 16:59
- अमृत(शुभ)16:59 – 18:30
रात
- चर(सामान्य)18:30 – 19:59
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:59 – 21:28
- काल(वर्जित (परंपरा))21:28 – 22:57
- लाभ(शुभ)22:57 – 00:27 (24 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:27 (24 सित॰) – 01:56 (24 सित॰)
- शुभ(शुभ)01:56 (24 सित॰) – 03:25 (24 सित॰)
- अमृत(शुभ)03:25 (24 सित॰) – 04:54 (24 सित॰)
- चर(सामान्य)04:54 (24 सित॰) – 06:23 (24 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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